मेरा भारत महान
रोज़ की यही कहानी है
देशभक्त की ज़ुबानी है
थोड़ी जानि थोड़ी अन्जानी है
आखिर यह देश कुछ नहीं
परन्तु क्रांतिवीरो की कुर्बानी है
धर्म, जाति, नस्ल भेद कभी न मिट पाया
भारत माँ के लड़को ने ही उन्हें ज़हर पिलाया
भगवान् के नाम पे आजकल सबने आग लगाई है
असल के भाइयो के बीच में बन गयी बड़ी-सी खाई है
मर्यादा पुरुषोत्तम के देश में कर्तव्य से बड़ा होगया भगवान्
फिर भी हर पथ पर मैं कहता चला मेरा भारत महान |
रस्ते पे गिरे इंसान को किसी ने न उठाया
झगड़े के निवारण से पहले उसका चलचित्र बनाया
कमिया निकाल ने के लिए हर जगह सभा लगती है
पर सही मुसीबत के समय इंसानियत मरी हुई मिलती है
बदलते समाज के चलते इंसान से दूर होगया इंसान
फिर भी हर पथ पर मैं कहता चला मेरा भारत महान
मोमबत्ती जला जला कर हमने सिर्फ मोम पिघलाया
पर नारियो के प्रति नजरिया कोई न बदल पाया
आधी आबादी हर रोज़ कितना कुछ सेहती है
अब तो हर गली में आसिफा निर्भया रहती है
इस देश में हर क्षण होता है नारियो का अपमान
फिर भी हर पथ पर मैं कहता चला मेरा भारत महान
दफ्तरो ने लाचार को इधर से उधर नचाया
अधिकार दिलाने के लिए अधिकारी ने पैसा खाया
सरकारी दावों की पोल तब खुल जाती है
जब एक काम निकलवाने के लिए चप्पलें घिस जाती है
मजबूर चीखो से भी नहीं खुले सरकारों के कान
फिर भी हर पथ पर मैं कहता चला मेरा भारत महान
आओ भारत का नवनिर्माण करे
हर व्यक्ति का सम्मान करे
अपने जीवन को देश के नाम कर
पीढ़ियां याद रखे कुछ ऐसा काम करे
हम भारतवासी सब मिलकर रहे
और शान से "मेरा भारत महान" कहे |
#divyansh
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